दोस्त की विधवा बीवी को बनाया हवस का शिकार – Bhabhi Ki Chudai

दोस्त की विधवा बीवी को बनाया हवस का शिकार - Bhabhi Ki Chudai

Bhabhi Ki Chudai : दोस्तो, मैं कुंदन साहू एक बार पुनः आपकी सेवा में हाजिर हूँ|दोस्त की विधवा को पटाया, उसकी बहू को चोदामें आपको अपने बचपन के दोस्त की विधवा सुनीता भाभी को सैट कर लिया था |

उसकी दोनों बहुओं को भी अपने फेर में ले लिया था|उस सेक्स कहानी में मैंने सैट तो तीनों को कर लिया था पर चुदाई में सुनीता भाभी की छोटी बहू ने पहली बाजी मार ली थी|उसने मेरे साथ होटल में जाकर मस्त चुदाई करवा ली थी|

अब आगे भाभी पोर्न चूत कहानी:थोड़ी देर में सुनीता भाभी का फोन आ गया, कुंदन, आज से तीन दिन तक मैं घर में अकेली हूँ, अभी आ जाओ|तब मैंने सुनीता भाभी को बोला, रात को जरूरी काम से बाहर गया था, अभी आया ही हूँ|

नींद ले लूँ … उसके बाद देखते हैं| पर मेरी एक शर्त है!सुनीता भाभी बोली, क्या?मैंने उससे कहा, जब तक सामने वाली शराब नहीं पीती, तब तक मैं उसके साथ सेक्स नहीं करता!

दोस्त की विधवा बीवी को बनाया हवस का शिकार - Bhabhi Ki Chudai

सुनीता बोली, ये मुझे मंजूर नहीं, मोहल्ले में से कोई भी घर आ सकता है| वैसे भी मुझे एलर्जी है| शराब तो देखते ही मुझे उबकाई आती है|इस पर मैं बोला, चलो, हो गया मिलन … बात को अब यहीं समाप्त करो|

इतना बोल कर फोन रख दिया और फोन को एयरोप्लेन मोड पर डाल कर मैं सो गया|शाम को जब उठा, तो मोबाइल से एयरोप्लेन मोड हटाया|धड़ाधड़ मैसेज आने शुरू हो गए|मैंने देखा कि सात आठ फोन आए हुए थे|

जिसमें कविता,सुमन के साथ सुनीता भाभी का भी फोन आया था|मैंने कविता को फोन लगा कर बात करनी शुरू की|वह मेरी बड़ी तारीफ कर रही थी|इस बीच किसी और का फोन की बीप बीप सुनाई दी|

जब मोबाइल में देखा तो सुनीता भाभी का फोन आ रहा था|मैंने नजरअंदाज कर वापिस कविता से बात करनी शुरू की|उस वक्त फोन सुमन ने ले लिया था|मैं सुमन से बातें करने लगा|

वह बोली, रियल में यार, आपको इस समय हम दोनों बहुत मिस कर रही हैं|दूसरी तरफ से सुनीता लगातार फोन करती जा रही थी|वह साली सब्जी मण्डी गई थी, तब लंड की साइज देख चुकी थी|

पिछले एक साल से लंड की प्यासी भी थी|उसे मुझसे ज्यादा सेफ व्यक्ति पूरे मुहल्ले में कोई नहीं जँच रहा था|सुमन से बात बन्द करके जैसे ही मैंने फोन रखा, उसी समय सुनीता भाभी का फोन आ गया|

वह सीधा एक ही बात बोली, तुमने उस दिन अपना हथियार मुझे दिखाना नहीं था, अब दिखा कर मुझे सता रहे हो|जवाब में मैं बोला, क्या करूँ सुनीता रानी, यह तो मेरी बहुत पुरानी आदत है|

वह बोली, ठीक है उठा लो मेरी मज़बूरी का फायदा| पर इस शहर से बाहर चलते हैं|जब मैंने उसे बताया कि शहर से बाहर की बजाय किसी फाइव स्टार होटल में चलते हैं|वह बोली, कुछ भी हो, कोई जान पहचान का मिल गया |

तो मेरी इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी|मैं, वह तुम समझ लो|सुनीता बोली, अभी यहां से किसी कार से चलें, तो शाम छह सात बजे तक पहुंच जाएंगे| फिर अनजान शहर में मेरे मन का डर जाता रहेगा|

मैं बोला, तुम कपड़े मैक्सी सलवार सूट पैक करो, तब तक मैं कार निकालता हूँ|मेरे पुश्तैनी घर में कार है| घर वालों को बोल दिया कि एक जरूरी काम से बाहर जा रहा हूँ| दो तीन दिन में लौट आऊंगा|

मैं कार में अटैची रख कर घर से बाहर निकला|तभी सुनीता भाभी का फोन आया|तुम मुझे यहीं से कार में बैठाओगे?’मैंने कहा, तुम थ्री,व्हीलर करके आगे चलो, बीच रास्ते में रुकवा दूंगा| तुम नीचे उतर जाना|

फिर जब थ्री,व्हीलर निकल जाएगा, तब तुम्हें कार में बैठा दूंगा|इस तरह से मैं कुछ दूर जाकर खड़ा हो गया|कुछ देर में एक थ्री,व्हीलर निकला, जिसमें सुनीता बैठी थी|थ्री,व्हीलर से कुछ दूरी रख कर मैं कार को धीमी गति से पीछे चलाने लगा|

खाली सुनसान जगह देख कर सुनीता भाभी थ्री,व्हीलर से नीचे उतर गयी|थ्री,व्हीलर वाले को पैसा देकर उसे चलता किया|तब तक मैंने कार को रोक रखा था|थ्री,व्हीलर के जाने के बाद मैं कार लेकर पहुंचा, वह पीछे की सीट पर बैठ गयी|

उसने कांच पर काले पर्दे वाले फ्रेम लगा दिए|शहर से बाहर आधा घंटा में निकल आए|एक रेस्टोरेन्ट हाइवे पर देख कर कार रोक कर एक सोडा और एक थम्सअप लेकर मैं कार में पहुंचा|कार को रेस्टोरेन्ट से दो किलोमीटर दूर ले जाकर खड़ा किया|

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सुनीता भाभी को आगे आने को बोला|तब तक शराब की बोतल से एक गिलास में शराब के साथ सोडा मिला कर थम्सअप को आधी बोतल खाली कर दी|अब सुनीता भाभी आगे की सीट पर बैठ चुकी थी|

उसे थम्सअप की बोतल देकर धीरे धीरे पीने को कहा|मैंने गिलास को एक बार में खाली कर कार को आगे बढ़ाया|बीस मिनट बाद सुनीता भाभी को शराब का नशा चेहरे पर दिखने लगा|अब उसका मूड भी फ्रेश हो चुका था|

वह बड़े प्यार से उलाहने देने लगी, काश तुम आज अपना हथियार नहीं दिखाते, तो पूरे साल में मैं भूल चुकी थी| तुमने मेरी खुजली चालू कर दी| अब इस खुजली को अच्छी तरह से मिटाना|कुल दो सौ किलोमीटर का सफर था|

हम बीच में पैग बनाने के लिए रुक गए इस कारण दो घण्टा लेट पहुंचे|मैं सीधा होटल में गाड़ी ले गया|होटल के मेन गेट पर गाड़ी को पार्क करने वाले को पकड़ा कर अपना नाम बता दिया|हम दोनों हॉल में पहुंचे, वहां नाम रजिस्टर में दर्ज करवाया|

तब तक वहां कार्यरत वेटर सामान ले आए|वेटर के हाथ में चाबी दी, तो वह कुछ पूछता कि उससे पहले काउन्टर वाली मैडम बोल उठी, 412 नम्बर रूम में सामान ले जाओ|रूम में पहुंच कर वेटर ने इण्टरकॉम का कागज देते हुए बताया |

कि इसमें आपकी जरूरत हो, उस नंबर पर फोन लगा देना|वेटर के जाने के बाद दरवाजा बन्द करके सुनीता भाभी की तरफ देखा|भाभी 55 की उम्र की थी| उसकी साइज 40,36,42 की थी| हाइट 5 फ़ीट 5 इंच थी|

वजन अन्दाजन 70,75 किलो होना चाहिए|सामान को सुनीता भाभी ने क़रीने से रखा और उसे बांहों में लेकर होंठों पर होंठ रखने लगा|भाभी भी लंड की भूखी थी| उसने भी मुझसे ज्यादा जोर से किस किया|

इस तरह उसे खींचते हुए बेड तक ले आया|धड़ाम से बेड पर गिरा कर मम्मों को मसलने लगा| साथ में होंठों से किस करना जारी था|पन्द्रह मिनट बाद घड़ी देखी, तो साढ़े नौ बज रहे थे|

इण्टरकॉम से शराब का ऑर्डर के साथ कुछ चखना और अन्डे की भुर्जी मंगवायी|मैंने सोचा कि अब अगर पीना जल्दी खत्म नहीं किया तो भूखा रहना पड़ेगा|कुछ देर में ऑर्डर लेकर वेटर आ गया|

साथ में वह बोला, सर होटल का किचन दस बजे तक ही चालू रहता है| कृपया समय पर ऑर्डर दे देवें|उसके जाने के बाद मैंने सुनीता और मेरा, दोनों के पैग बना कर सुनीता के पैग में थम्सअप मिला दी ताकि उसे शराब कड़वी न लगे|

थोड़ी जल्दी जल्दी पैग खत्म करना चालू किया|बीच में ही खाने का ऑर्डर दे दिया ताकि जब तक खाना आए, तब तक हम पीकर फ्री हो चुकें|वेटर ने टेबल पर खाना लगा दिया|

उसके जाते वक्त मैंने उससे बोल दिया कि खाना की प्लेटें सुबह ले जाना और बाहर नो डिस्टर्ब की क्लिप करते जाना|खाना खाकर उठे तब तक सुनीता भाभी बुरी तरह नशे में थी और अनाप शनाप बोल रही थी|

सर्दी का मौसम होने के कारण मुझे बिना नहाए चुदाई करना अच्छा नहीं लगता है|सुनीता के शरीर पर कहीं हल्का पसीना भी जीभ को लग जाए, तो मेरा मजा किरकिरा कर देता है|बाथरूम में जाकर गर्म पानी चालू कर दिया|

बाहर आकर सुनीता की साड़ी ब्लाउज पेटीकोट उतारा|नशे में होने के कारण वह कुछ नहीं बोली| उसे बाथरूम में ले जाकर साबुन लगा कर नहलाया| साथ में उसकी चूत को अच्छी तरह से धोया|

उसके बाद भाभी के शरीर को टॉवल से अच्छे से पौंछ कर उसे बेड पर लिटाया|बाद में मैं नहाने घुस गया| भाभी अपने नंगे जिस्म पर रजाई ओढ़ कर लेट गई|नहा कर बाहर आते ही मैंने रजाई खींच कर भाभी को नंगी कर दिया|

फिर उसके ऊपर चढ़ कर खुद को उसके पैरों के पास सैट किया और उसे उसके तलवों से चूमना चालू कर दिया|मैं धीरे धीरे ऊपर बढ़ने लगा|जब चूत तक पहुंचा, तो मैं एक बार रुक गया|

मैं अपने बदन को सुनीता के बराबर करके उसके एक कान के पास चुम्बन देने लगा|फिर होंठों के ऊपर अपने होंठ रख कर उसे चुंबन करने लगा|उस दौरान मेरा लंबा लंड सुनीता भाभी की चूत से रगड़ मार रहा था |

वह चुदास से भर कर अपनी गांड उठाने लगी थी|बाद में मैंने सुनीता को पलट कर लेटने को कहा|वह जैसे ही औंधी हुई, मैं उसकी पीठ में चुम्बन करने लगा और चूमने के साथ साथ |

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उसके गुदाज जिस्म को अपने दांतों से भर कर हल्का हल्का काटने लगा|सुनीता को इस तरह से बड़ा आनन्द आ रहा था| वह हर पल कामोत्तेजित होती जा रही थी और उसकी चूत फड़फड़ा रही थी|

जब सुनीता भाभी से बर्दाश्त से बाहर हो गया … तब वह एकदम से पलट गई और मुझे अपने ऊपर लेकर मेरा मुँह अपने मम्मों में फंसा दिया|मैं उसके एक दूध को चूसने लगा और साथ ही दूसरे दूध पर हाथ से हल्के से चिकोटी काट लेता|

इससे सुनीता भाभी आह भर कर कसमसा जाती|कुछ देर बाद उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और उसे पकड़ कर अपनी चुहचुहाती चूत पर रगड़ने लगी|मैंने उसके हाथ से लंड को छुड़ाया |

नीचे सरक कर अपने मुँह को उसकी चूत पर लगा दिया|अब मेरा मुँह उसकी फड़फड़ाती चूत चाटने को बेताब था|जैसे ही मैंने हाथ से भाभी की चूत को थपथपाया, उसकी चूत ने सारा मजा किरकिरा कर दिया|

सुनीता भाभी की चूत रोने लगी और उसमें से पानी की धारा बह निकली|मैं चाटने के सुख से वंचित रह गया|अब हम दोनों उठ कर बैठ गए|सुनीता बोली, मेरे जीवन में मेरे पति के बाद तुम ही दूसरे व्यक्ति हो, मेरा पति पन्द्रह बीस मिनट में फ्री हो जाता था

एक तुम हो, जिसने अभी तक मेरे अन्दर डाले बिना ही मुझे पूरा मजा दे दिया|मैंने कहा, कोई बात नहीं, मुझे तो इसकी आदत है| कुछ देर बाद पुनः शुरू करते हैं|मैं यह कह कर शराब की बोतल को उठा कर |

उसमें से नीट ही दो घूंट पीकर कंठ को तरावट दी|सुनीता बोली, शराब से मुझे सख्त नफरत थी, पर आज पीने के बाद मालूम पड़ा कि इसका असली स्वाद क्या है|इतना बोल कर उसने मेरे हाथ से शराब की बोतल खींच ली|

शराब की बोतल को होंठों को लगा कर सुनीता भाभी बोली, काश आज गर्मी का मौसम होता, तो मजा कुछ और आता|तभी मुझे ख्याल आया कि होटल के एयर कंडीशनर सर्द और गर्म हवा दोनों देते हैं|

मैंने इधर उधर देखा तो एयर कंडीशन का रिमोट नाईट लैंप के पास ही था|तब मैंने एयर कंडीशन के हॉट सिस्टम को फुलरफ्तार चालू कर दिया|कुछ ही देर में कमरा गर्म हो गया|

भाभी भी गर्म हो गई थी, उसने मेरे लंड के साथ खेलना शुरू कर दिया था|होटल के उस कमरे का तापमान बिना रजाई के रह सकने लायक हो गया था|जैसे सितम्बर का महीना का होता है, वैसा क्लाइमेट हो गया था|

मैं सुनीता भाभी को कमरे के गर्म तापमान में मजा दे रहा था|सुनीता भाभी बोली, कुंदन, अब तुम लेट जाओ … और हां मुँह से चीखना मत|जब मैंने इस बारे में ज्यादा पूछा, तो वह बोली कि मेरे पति मेरे साथ सेक्स करने के बाद अलग हो जाते |

वे गहरी नींद में चले जाते, तब मेरे पास कुछ औजार रहते थे| जैसे खीरा, ककड़ी, बेलन … या कभी कभी बोतल तक को अन्दर डाल कर अपनी प्यास बुझाकर सोती थी| उसी वक्त का एक अनुभव तुम्हारे साथ इस्तेमाल करना चाहती हूँ|

सुनीता बेड पर बैठ गयी|उसने मुझे उल्टा होकर उसके पैरों पर बैठने को बोला|बेड पर जिस तरफ उसके पैर थे, उसी तरफ को मुँह करके मैं बैठ गया|सुनीता का यह नया तरीका कुछ अजीब सा लगा|

अब उसने दोनों हाथ आगे किए|एक हाथ से मेरी पीठ पर बूब्स पर घुमाने लगी, दूसरे हाथ से मुरझाए हुए लंड को हिलाकर तैयार करने लगी|वह मुँह से गर्दन के आस पास चुम्बन देने लगी; कभी कान के अन्दर अपनी जीभ से कान में घुमाने लगी|

इस नए तरीके से मेरा लंड जल्द ही बड़ा हो गया|सुनीता लंड को छोड़ कर मुझे बिस्तर पर उल्टा लिटा कर सैटिंग बनाने लगी|उसने मेरे लंड के नीचे दो तकिया लगा दिए जिससे मेरी गांड ऊंची हो गयी|

अब सुनीता गर्दन से चुम्बन देती हुई अपने दोनों हाथों की उंगलियों के नाखूनों से मेरी पीठ खुजलाने लगी|यह सच में बड़ा ही उत्तेजना देने वाला आइडिया था|सुनीता भाभी जहां जहां पीठ खुजला रही थी, वह वहां बड़े प्रेम से चुम्बन भी देने लगी|

इसी तरह से वह सरकती सरकती बिल्कुल नीचे आ गयी|उसने अपना मुँह मेरी गांड की दरार से लगा दिया और वह दरार को फैला कर उसमें चुम्बन देने लगी|उसकी गर्म गर्म सांसें मुझे अपनी गांड में अप्रतिम सुख दे रही थीं|

कुछ देर बाद भाभी उठी और अपने बैग से नारियल का तेल निकाल लाई|उसने तेल की शीशी से अपनी उंगली पर तेल लिया और मेरी गांड के छेद में डाल कर गांड में चारों तरफ घुमाने लगी|

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उसकी उंगली से गांड कुरेदवाने में मुझे बड़ा ही सुखद अहसास हो रहा था|तेल की चिकनाई से मेरी गांड चौड़ी हो गयी|
उसने दस मिनट तक गांड में उंगली से मालिश की|इसके बाद वह वापिस उठी |

अपने पेटीकोट के कपड़े से गांड में उंगली के आगे कपड़ा करके गांड में जो चिकनाई बाकी रह गई थी, उसको पूरी साफ करने लगी|इसके बाद उसने अपनी जीभ को नुकीला करके उसे मेरी गांड के अन्दर तक पहुंचा दिया|

आह … वह नर्म और हल्का सा खुरदुरा सा अहसास मुझे मस्त लग रहा था|भाभी अपनी जीभ को मेरी गांड में फुल रफ्तार से चारों तरफ घुमाने लगी|उत्तेजना के मारे मैं मरा जा रहा था|भाभी की चूत चुदाई करने की जगह मेरी गांड चुदाई होने लगी थी|

जब मैं अपने दोनों हाथ से अपने शरीर को ऊपर करके उससे अलग हुआ, तब वह हट गई|मैं उससे कराह कर बोला, विमी … अब मेरी सहनशक्ति समाप्त हो गयी है|सुनीता बोली, बस हो गया … अपने लौड़े तो बड़ा कड़क रखते हो |

चुदाई के समय बहुत जल्दी ठंडे पड़ जाते हो!मैंने सुनीता से कहा, अगर ऐसी बात है मेरी जान … तो मुझे दस मिनट और दो|वह मुस्कुराने लगी|मैंने शराब की बोतल निकाल कर गिलास भरा|

सुनीता बोली, कुंदन सच में तुमने आज मुझे शराब पिला कर जो अहसास करवाया है, उसके लिए मैं आजीवन तुम्हारी आभारी रहूंगी| मुझे नहीं मालूम था कि शराब से सेक्स में इतना मजा आता है|

चलो अब आज मेरे शराब के पहले दिन पीने की ख़ुशी में एक बड़ा सा पैग बना कर मुझे भी पिलाओ|मैं उठा और अपने सूटकेस को खोल कर विदेशी शराब की बोतल निकाली|मैंने अपना पैग बनाया|

उसे फटाफट खाली करके हम दोनों के लिए इस विदेशी बोतल से पैग बनाए और उसके पास जाने लगा|सुनीता भाभी के पास जाने से पहले मैंने सिगरेट लाइटर और एश,ट्रे उठाई और सब सामान लेकर बेड पर आ गया|

फिर दोनों तकियों को बेड के सहारे करके सुनीता को अपने पास बैठा लिया|मैंने सिगरेट होंठों से लगा कर सुलगाई और कश लगाने से पहले सुनीता को बताया, तुम देखना, मैं किस तरह से सिगरेट पीता हूँ| वैसे ही तुम्हें भी पीनी है|

मैंने पहले पैग से एक घूंट भर कर गिलास को नाइट लैंप के पास रखा और सिगरेट से कश खींचा|सुनीता ने भी मेरी ही तरह से एक घूंट शराब पीकर, जैसे सिगरेट का कश खींचा … उसे एकदम से खांसी आ गयी|

मैंने उसकी पीठ पर हाथ फेरा, तब जाकर उसकी खाँसी बन्द हुई|सुनीता बोली, अब नहीं पियूँगी|जब मैंने कहा, तुम तो शराब से भी नफरत करती थीं, पर अब बड़े शौक से पी रही हो| इसी तरह एक दो सिगरेट पियोगी|

तब उसके बाद अपने हाथ से लगा कर बोलोगी कि वाह यार शराब और सिगरेट जब दोनों साथ हों, तब असली मजा आता है|इस तरह से मैंने उसे तैयार किया|तीन तीन पैग के बाद हम दोनों लग गए|उसने मुझे पुनः सीधा खड़ा कर दिया|

वह जमीन पर घुटनों के बल बैठ गयी और लंड को बिना दोनों हाथ लगाए जीभ से चाटने लगी, कभी अण्डकोष को चूसती, तो कभी सुपारे को मुँह में लेकर आइसक्रीम की तरह चूसने लगती|पंद्रह मिनट बाद मैं पुनः उत्तेजित हो गया |

उसकी दोनों बांहों को पकड़ कर उसे ऊपर खींचा|अब वह गाली देती हुई बोली, तुमने तो मजा एक बार ले लिया| अब एक बार मुझे भी लेने दे न!उसकी आवाज नशे में लड़खड़ाने के साथ जीभ भारी हो गयी थी|उससे अब सही से नहीं बोला जा रहा था|

मैंने बड़े प्रेम से उसे ऊपर लिया और सीधा लिटा दिया|वह बोलने लगी, भोसड़ी के चूतिए … मादरचोद … आ अब चोद मां के लौड़े … और मेरी एक साल की प्यास बुझा हरामी|उसके इस अन्दाज से मेरा मन चुदाई का हो गया|

मैंने सुनीता को चित लेटने का इशारा का दिया|वह लेट गई|मैं सुनीता भाभी को पहली बार में जोर से एक ही धक्के में लंड को चूत की गहराई में पहुंचा कर अन्य स्त्रियों की तरह रुलाना चाहता था, पर पहली बार मेरा तजुर्बा गलत निकला|

जैसे ही चार पांच बार चूत के ऊपर सुपारा ऊपर से नीचे किया और चूत के अन्दर दबाव देता हुआ घुसेड़ा व निकाला|
तब मुझे महसूस हुआ कि इसकी चूत तो पनियाई हुई है|

उचित अवसर देख कर मैं गांड को पीछे ले गया और लंड को चूत के मुख पर रख कर जबरदस्त धक्का लगा दिया|मेरा लम्बा और खीरा की तरह मोटा लंड जैसे ही भाभी की चूत के अन्दर गया|

सुनीता ने दोनों हाथ मेरी पीठ पर रख कर मुझे दोनों हाथों से खींचा|वह जबरदस्त चूमा देकर बोली, आह हरामजादे साले … मेरा पति जब जिन्दा था … भोसड़ी के यदि उस समय एक बार भी तुम मुझे अपना लौड़ा दिखा देते|

तो उसी समय ही उस चूतिये के सामने चुदवाई करवा कर बताती कि भड़वे देख, ऐसे होती है चुदाई!यह बोल कर भाभी ने अपनी चूत को अन्दर से सिकोड़ दिया और मुझे इशारा करके बोली, साले देखता क्या है|

आज इसकी अच्छी खासी धुलाई कर डाल … मेरी चूत एक साल से लंड की भूखी है|रात को ही मैंने सुनीता भाभी की बहू सुमनके साथ और उसकी बहन कविता की धुलाई की थी|अपनी उस चुदाई को आज वे दोनों मुझे मिस कर रही थीं|

दूसरी तरफ मेरा शैतान दिमाग कुछ और ही सोचने में लगा था|भाभी की बड़ी बहू सरिता के साथ मेरी आंख मिचौली पहले से चल रही थी|सुनीता की दो बेटियां में सबसे बड़ी की शादी को दो साल से ज्यादा हो गए थे|

बीच में दो लड़के और सबसे अंत में बीस साल की लड़की डॉली थी, जो जीएनएम (नर्स) की पढ़ाई कर रही थी|मोहल्ले के लड़कों को मैंने अपना चेला बना रखा था|उन्हें तो एक अच्छी दारू की पार्टी मिल जाए, तो पूरे मोहल्ले की डिटेल बता देते थे|

सुनीता की लड़की डॉली मोहल्ले की ही एक राणा राजपूत के चक्कर में फंस गयी|उस भड़वे ने डॉली की चुदाई की वीडियो क्लिप बना डाली थी|एक दारू की बोतल में मैंने डॉली की वीडियो क्लिप उस लौंडे ले ली|

अब वापस सुनीता भाभी पर आते हैं|जैसे ही सुनीता ने कहा कि तुम मेरे पति के जिन्दा होते समय अपना ये लंड दिखला देते, तो वह चूतिया देखता ही रह जाता| अब तुम देर मत करो मुझे आटा पीसने की चक्की का दाना समझ कर पीस डालो|

मैंने अपने मुम्बई रहते अनगिनत महिलाओं को भोगा था| जो एक बार मेरी नजर में चढ़ गयी, मैं उसे भोग कर ही माना|
कुछ महिलाएं आज भी मेरी प्रिय हैं| बाकी जिनको एक बार भोग कर मैंने छोड़ दिया|

आज भी उनके फोन आते हैं| वे चुदने के लिए मेरे पैरों में पड़ने को तैयार हैं| यहां तक की अपने पति की जगह मुझे देने को तैयार हैं|मगर जिससे एक बार में दिल भर गया, उससे मिलना नहीं … और जो पसन्द आ गयी|

उसे चोदने से मना करना नहीं| मैंने इस तरह से दो केटेगरी बना रखी थीं|एक, जिसको एक बार ही भोगना है| दूसरी वह, जिसे बार बार भोगने को जी चाहे|देखिए … सुनीता को फिर से भूल गए|मेरे शैतानी दिमाग ने बहुत तेजी से प्लान बनाया|

मैंने उठ कर सुनीता के मोबाइल से ही हम दोनों की चुदाई की रिकॉर्डिंग करना चालू कर दी| उसके फोन को मैंने इस तरह से सामने रख दिया कि उसकी चुदाई की पूरी फिल्म सही से बन जाए|अब मैं सुनीता की धुनाई करने लगा|

आप सच मानो या ना मानो, जिस दिन मैं ज्यादा पी लेता हूँ … उस दिन मेरे घोड़े की रेस बढ़ जाती है|इससे पहले भी यही हुआ था, जब मैंने ज्यादा दारू पीकर सुमन और कविता की चुदाई की थी|

उस रात मैंने सुनीता भाभी के साथ हर तरह के आसनों में सेक्स किया|उन सभी आसनों में चुदाई के वीडियो बन गए थे|सुनीता भाभी पूर्ण रूप से संतुष्ट होकर निढाल होकर सो गई|

मैंने सुनीता भाभी के मोबाइल से वीडियो अपने मोबाइल में ले लिया और उसके मोबाइल से वीडियो को डिलीट कर दिया|
एयर कंडीशनर से एक बार कमरा ठण्डा करके बन्द कर दिया |

रजाई में नंगी लेटी सुनीता भाभी को अपनी बांहों में खींच कर सो गया|सुबह दस बजे उठे सुनीता भाभी का सर दारू के कारण चकरा रहा था|मेरा भी हेंग ओवर हो गया था|सुबह से दो पैग पीने के बाद कुछ राहत मिली|

एक पैग पीने के बाद सर दर्द कम हुआ| फिर एक और पैग सुनीता ने बना डाला था|जैसे ही उसने पैग खत्म किया … वह शेरनी बन कर मेरे ऊपर ऐसे कूद पड़ी, जैसे एक शेर को मेमना मिल गया हो|

मैं भी लगातार दो दिन से भाभी पोर्न चूत की चुदाई कर रहा था, मेरे लंड का पानी आसानी से छूटने वाला नहीं था|मैंने सुनीता का बराबर साथ दिया|उसे चोदना चालू किया तो चोदते हुए एक घण्टा से ऊपर हो गया|

उसकी चूत ने पांच बार पानी छोड़ दिया था मगर अभी भी वह अठारह साल की लड़की के जैसे चुदाई करवा रही थी|आखिर में वह हार गयी| उसकी चूत ने इठला कर पानी छोड़ दिया|मैं भी छूटने को था|

उसने मुझे चूत से अलग करके ऐसे ही लिटा दिया और मेरे चेहरे के भावों को पढ़ कर मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी|आखिर में उसने मुझे स्खलित करके मेरे सम्पूर्ण वीर्य को ऐसे पिया जैसे मौसमी का जूस पी रही हो|

जब सुनीता भाभी से मैंने पूछा, वीर्य बेस्वाद नहीं लगा?तो वह बोली, सच में इतना मजा आज ही आया है|अब मेरे शैतान दिमाग की बारी थी|मैं बोला, भाभी जी, आज पहला और अन्तिम सेक्स है|

वह मेरा मुँह देख कर बोली, ऐसा क्या नहीं है मुझमें, जो तुम्हें पसन्द नहीं आया है?जब मैंने उसे बताया, मैं मुम्बई में रहता हूँ| हर रोज एक नयी स्त्री के साथ रात बिताता हूँ| हां कुछ महिलाओं को दुबारा भी बुलाता हूँ| पर तुम उन महिलाओं में नहीं हो|

मेरा इतना कहना ही हुआ था कि उसका मुँह उतर गया|आधा घंटा विचार करने के बाद वह बोली, कुंदन कुछ भी हो, अगर तुम मुझे नहीं मिले तो मैं तुम्हारे नाम का जहर पीकर मर जाऊंगी!

तब मैंने मोबाइल में से वीडियो क्लिप निकाल कर उसे दिखाए और कहा, कल मरना है तो देर क्यों … आज ही मर जाओ|उसने वीडियो क्लिप को आठ दस बार देखा|रात की चुदाई के वीडियो देखने के बाद मैंने उसे डॉली को परेशान करने वाला वीडियो बताया|वह वीडियो देख कर बोली, इस वीडियो को मुझे दिखा कर तुम क्या चाहते हो?

जब मैंने स्पष्ट शब्दों में बताया कि सरिता, सुमन और डॉली के साथ भी मैं वही करना चाहता हूँ, जो तुम्हारे साथ किया है|
सुनीता बोली, मेरी बेटी की इज्जत तुम्हारे हाथ में है, किसी तरह से इस वीडियो को डिलीट करवाने की क्षमता सिर्फ तुम्हारे अन्दर ही है|मैं मुस्कुराने लगा|सुनीता को मेरी बात जल्दी ही समझ में आ गयी|

वह बोली, एक शर्त है| उस शर्त को मंजूर करो, तो मैं आगे बोलूँ!मैंने कहा, मुझे शर्त बिना सुने मंजूर है| तब भी तुम शर्त बोलो|मुझे मालूम था कि सुनीता की चूत में जो आज आग लगी है, उसी की बदौलत मैं कुछ भी कर सकता हूँ|

दोस्त की विधवा बीवी को बनाया हवस का शिकार - Bhabhi Ki Chudai

सुनीता बोली, तुम्हारी इच्छा को मैं पूरा करूँगी!मैंने कहा, अगर आगे से संबंध रखना है तो मैं सरिता, सुमन और डॉली के साथ तुम्हारे घर में एक साथ तुम चारों को चोदना चाहता हूँ!

सुनीता बोली, मेरी बेटी डॉली को तुम्हारे पास भेजने को तो मैं राजी कर लूँगी मगर सरिता और सुमन की गारण्टी मैं नहीं ले सकती, हां कोशिश करूँगी| अब तुम मेरी बेटी का वीडियो डिलीट करवा कर उस लड़के को सजा दिलवाओ|

मगर एक बात का ध्यान रखना कि मेरी बेटी का नाम कहीं भी नहीं आना चाहिए| जब तुम ये कर लोगे, तब मैं तुम्हारे लिए सरिता और सुमन को किसी तरह राजी करवा दूंगी|

मैं कुछ नहीं बोला|सुनीता बोली, लड़की सैट करने में मास्टर की डिग्री हासिल कर रखी है तुमने … मैं तुम्हारी चुदाई के आगे बेबस हूँ| तुम जो चाहो, वह कर सकते हो|मैंने सुनीता से कह दिया, अब अगली चुदाई तुम और तुम्हारी बेटी डॉली के साथ ही होगी| अब चलो आगे की तैयारी करो|

वह समझ गई कि मैं उसकी बेटी की चूत चोदे बिना नहीं मानने वाला हूँ|दोस्तो, यह कहानी यहीं रोक रहा हूँ|अगली बार आपको सुनीता भाभी की बहुओं और बेटी की चुदाई की कहानी सुनाऊंगा| धन्यवाद

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